
एडिटर/संपादक तनीश गुप्ता✍️

खंडवा।जनमंच सदस्यो ने गुरुवार शाम कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर श्री मुकेश काशिव को ज्ञापन सौंपा।जनमंच के चंद्र कुमार सांड,अनुराग बंसल,कमल नागपाल,राजेश पोरपंथ,लक्ष्मण लधानी और विकास छत्तानी ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।जिसमें खंडवा जिले के विकास के कई मुद्दो पर स्वीकृति प्रदान कर खंडवा के विकास को गति देने की मांग की।जिसमें प्रमुख रूप से निमाड़ संभाग बनाने और खंडवा को संभागीय मुख्यालय बनाने की मांग की, साथ ही शासकीय निमाड़ विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए।खंडवा विकास प्राधिकरण का गठन किया जाए। माखनलाल चतुर्वेदी विश्व विद्यालय कर्मवीर विद्यापीठ महाविद्यालय भवन को भूमि उपलब्ध कराकर भवन का निर्माण किया जाए।मेडिकल कालेज खंडवा का सुपर स्पेशलिस्ट हास्पिटल लगभग 30 करोड़ लागत हेतु भूमि उपलब्ध कराकर उसका शीघ्र निर्माण किया जाए।खंडवा के शासकीय पॉलिटेक्निक को इंजीनियरिंग कॉलेज में उन्नत किया जाए।केंद्र सरकार से एक बड़ा उद्योग स्थापित करवाया जाए।खंडवा में सिटी बस शुरू की जाए।यहा गैस एवम पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा गैस टंकियो का रिफिलिंग प्लांट स्थापित किया जाए।
डीजल और पेट्रोलियम डिपो जो पहले था इसको पुनः स्थापित किया जाए।
पोस्ट आफिस का संभागीय अधीक्षक कार्यालय और नवीन पोस्ट आफिस भवन बनाया जाए।आधुनिक संयुक्त कलेक्टर कार्यालय बनाया जाए।वन विभाग का वन्य प्राणी संचालक का कार्यालय खंडवा में खोला जाए।वेटनरी कालेज खोला जाए।यहा चिड़ियाघर की स्थापना हो।दादाजी मंदिर के समीप मेला ग्राउंड बनाया जाए।खंडवा=दाहोद रेल लाइन (खरगोन=बड़वानी =अलीराजपुर =दाहोद )रेल लाइन सर्वे जो हो चुका हे। मंजूर कर लाइन स्वीकृत की जाए।नया एयरपोर्ट स्वीकृत कर वायु सेवा का संचालन किया जाए,। पत्रकारों हेतु प्रेस परिसर तथा पत्रकार भवन बनाया जाए ,खेल अकादमी की स्थापना हो।
सरकारी प्रतियोगिताओ की तैयारी हेतु बड़े स्तर का कोचिंग सेंटर स्थापित किया जाए ।सैनिक स्कूल खोला जाए।शहर के साप्ताहिक हाट हेतु नवीन स्थान का चयन कर वहा हाट बाजार लगाया जाए। इत्यादि मांगो पर गंभीरता से विचार इसे शीघ्र पूरा किए जाने की दिशा में कार्य किये जाय। ज्ञात रहे पूर्व में भी सामाजिक संस्था जनमंच उपरोक्त मांगों को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक कई बार पहुंचा चुका है।श्री काशिव को भी पूर्व में जनमंच ने ज्ञापन देकर उक्त मांग की थी।










